Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Diwali Kyu Manate Hai. दिवाली क्यों मनाते हैं ? why we celebrate diwali ?

Diwali Kyu Manate Hai. दिवाली क्यों मनाते हैं ? why we celebrate diwali ?


 दिवाली हमारे भारत देश का एक ऐसा त्यौहार है कि सभी लोग उसकी आतुरता से राह देखते हैं. दिवाली नाम सुनते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी आ जाती है. पटाखे फोड़ना, दीप जलाना और मिठाइयां बांटना परिवार के साथ बाहर घूमने जाना है हमको बहुत ही अच्छा लगता है.

दिवाली मनाने के पीछे की कई कहानियां जुड़ी हुई है. जो अपने अपने समय में लोग दीपावली मना ते थे. 





त्रेतायुग में मनाई गई थी दिवाली

कहानी है कहती है कि प्रभु श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद रावण का वध करके माता सीता को अपने साथ लेकर अयोध्या वापस आए थे. उस समय बिजली नहीं थी. तब नगरजनों ने उनका भव्य स्वागत किया था सारे नगर में दीप जलाए गए थे. पूरी अयोध्या नगरी को दीपों से रोशन किया था उस समय से आज तक दीपावली मनाई जाती है.

 सभी अपने घर पर दीप जलाकर अपने घर को रोशन करते हैं. दिवाली के दिन पटाखे, फुलझड़ी या जलाते है और कई सारे लाइट लगाकर घर ओर को और पूरे देश को रोशन करते है.


द्वारका में मनाई गई थी दीपावली

कहानी यह है कि भगवान से घोषणा नहीं नरकासुर नामक एक राक्षस का वध करके दो बार क्या वासियों को राक्षस के आतंक से मुक्ति दिलाई थी तब पूरे नगर वासियों ने दीप जलाकर भव्य स्वागत किया था.


समुद्र मंथन के बाद बनाई गई थी दिवाली

कहानी के अनुसार सतयुग में समुद्र मंथन के दौरान जब लक्ष्मी देवी और धनवंतरी प्रकट हुए. तब दीप जलाकर आनंद किया गया.


भगवान विष्णु ने बचाई थी माता लक्ष्मी की जान

कहानी के अनुसार भगवान विष्णु का पांचवा वामन अवतार है. उस समय राजा बाली ने माता सीता को अपनी गिरफ्त में ले लिया था तब भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी की अदा बारी से जान बचाई थी. उस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना हुई थी.

हिंदू धर्म की इसी धार्मिक मान्यता के अनुसार दीपावली या दिवाली मनाई जाती है. 


दीपावली के दिन हुआ था राजा विक्रमादित्य राज्याभिषेक

इतिहास बहुत पराक्रमी राजा विक्रमादित्य अभिषेक दिवाली के दिन हुआ था. विक्रमादित्य एक महान योद्धा, उदार दिल और साहसी राजा थे.

शिखों लिए दीपावली का दिन बहुत खास है

सिखों के तीसरे गुरु अमर दास के दीपावली के दिन को खास दर्जा दिया था. दीपावली के दिन 1577 अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास हुआ था.

युगो युगो से भारत देश में दीपावली मनाई जाती है.

दोस्तों आशा करता हूं कि आप को पता चल गया होगा कि हमारे भारत देश में दिवाली क्यों मनाते हैं. 

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ